शीतला माता पूजा व बसोडा पूजन
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी कहते हैं, इस दिन शीतला माता को प्रसन्न करने
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Read moreजानिये किन परिस्थितियों में हुई “श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र” की रचना, साथ ही शिव रुद्राष्टक स्त्रोत भावार्थ सहित … भगवान
Read moreसंध्याकाल ….. दो श्वासों के मध्य का संधिकाल “संध्या” कहलाता है जो परमात्मा की उपासना का सर्वश्रेष्ठ अबूझ मुहूर्त है
Read moreआध्यात्मिक साधना और मंत्र सिद्धि के लिए चार रात्रियों का बड़ा महत्त्व है। ये हैं …. कालरात्रि (दीपावली), महारात्रि (महाशिवरात्रि),
Read moreमृत्यु का विवाह काल से हुआ है। यह सौभाग्यवती है। इसकी भी आयु निर्धारित है।अतः यह भी गलतकाम करने से
Read moreहोली शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा त्योहार है, जो सामुदायिक बहुलता की समरस्ता से जुड़ा हुआ है। इस पर्व में
Read more९ मार्च, १९३६ सोमवार, सायंकाल के पाँच बजने वाले थे। जगन्नाथपुरी के अपने आश्रम में ८१ वर्षीय स्वामी श्रीयुक्तेश्वर गिरी
Read moreआज हम आपको ५१ शक्तिपीठों में प्रमुख ज्वालामुखी माता की कथा बतायेंगे। ज्वालामुखी मंदिर, कांगडा घाटी से 30 कि॰मी॰ दक्षिण
Read moreसाधकों के लिये ये हैं श्री मृत्युंजयस्तोत्रम् के गुप्त दिव्य मंत्र जो जापकर्ता को अकाल मृत्यु से बचायेंगे… रुद्रं पशुपतिं
Read moreहमें अपने हृदय में भगवान की भक्ति को और अधिक गहनता व दृढ़ता प्रदान करने का प्रयास करना चाहिये ….
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